महुआ


छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों  मे महुए के पेड़ और इसके फलों का बहुत महत्व है। महुए के फलों को बीनना और बीनकर बेचना यहाँ के स्थानीय निवासियों विशेषकर जनजातियों के आजीविका का ये प्रमुख साधन है। महुए से शराब भी बनाई जाती है इसका उपयोग औषधी के रूप मे भी होता है। 

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