भाजी

छत्तीसगढ़ मे लगभग 40 प्रकार की भाजियाँ पाई जाती हैं। स्थानीय निवासियों के द्वारा ये भाजियाँ सहज और सरल रूप से अपने कोला-बाड़ी मे लगाई जाती है। कुछ भाजियाँ तो साल भर पाई जाती हैं। छत्तीसगढ़ के निवासियों के द्वारा भाजियों का सेवन लगभग वर्ष भर किया जाता है।






कुछ भाजियों के नाम इस प्रकार है-

  1. लाल भाजी
  2. पालक भाजी 
  3. कांदा भाजी
  4. बर्रे भाजी
  5. मेथी भाजी
  6.  तीव्र भाजी 
  7. प्याज भाजी
  8.  मखना भाजी 
  9. गोभी भाजी 
  10. करेला भाजी
  11. बरबटी भाजी
  12.  मुनगा भाजी 
  13. भाकरी भाजी
  14.  मिर्ची भाजी 
  15. सुनसुनिया भाजी
  16. तरोई भाजी 
  17. चेज भाजी 
  18. कर्मत्ता भाजी
  19.  बथुआ भाजी 
  20. उल्ला भाजी
  21. लाल भाजी 
  22. हमारी पटवा भाजी 
  23. सरसों भाजी 
  24. चरोटा भाजी
  25.  ककड़ी भाजी 
  26. खेड़हा भाजी
  27. पीपल भाजी 
  28. चना भाजी 

एक स्थानीय शिक्षक श्री हरीशंकर यादव के द्वारा अपने स्कूल मे इन्हीं भाजियों को लेकर कुछ कम किया गया है उन्ही बातचीत के कुछ अंश-
शिक्षक के अनुसार बच्चों ने समुदाय से प्रश्न किया कि पहले लोग बहुत सारी भाजियाँ खाया करते थे लेकिन पहले की तुलना में लोग अब कम भाजी खाते हैं ऐसा क्यों? भाजियों का दवा और जड़ीबूटी के रूप मे उपयोग । इनको बनाने की विधि आदि। 

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